Ismat Aapa
मशहूर और हर दिल अजीज अफ़सानिगार इस्मत चुगताई के प्यार और सम्मान का नाम है ‘इस्मत आपा’ और यही इस किताब का भी नाम है। पाठक इस किताब को इस्मत चुगताई के अदबी संसार की एक झांकी के रूप में देख सकते हैं। इस पुस्तक में इस्मत के अदबी संसार के बेहतरीन नमूने हैं अफसाने हैं, और अफ़सनवी नस्त्र हैं, बक़लम ख़ुद है और उनही के लफ्जों में उनका सिनेमाई सफर भी दर्ज़ है। यानी इस किताब में आप इस्मत के चुनिन्दा अफसाने तो पढ़ेंगे ही, यह भी पढ़ेंगे कि ख़ुद इस्मत उन अफसानों को कैसे पढ़ती हैं या अपनी चीजों को देखने का उनका नज़रिया क्या है। किताब के आखिर में इस्मत के चुनिन्दा खतूत और डायरियाँ भी हैं जो आपके पढ़ने के लुत्फ़ को बढ़ायेगी। इस किताब के बहाने आपके सामने इस्मत के अदबी समय का एक दरीचा खुलता चला जाएगा। हिन्दी में पहली बार इस्मत के बारे में किसी एक किताब में इतना सबकुछ एक साथ! इस्मत के सौ साल पूरे होने की मुबारक घड़ी में वाणी प्रकाशन की खास सौगात।
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मशहूर और हर दिल अजीज अफ़सानिगार इस्मत चुगताई के प्यार और सम्मान का नाम है ‘इस्मत आपा’ और यही इस किताब का भी नाम है। पाठक इस किताब को इस्मत चुगताई के अदबी संसार की एक झांकी के रूप में देख सकते हैं। इस पुस्तक में इस्मत के अदबी संसार के बेहतरीन नमूने हैं अफसाने हैं, और अफ़सनवी नस्त्र हैं, बक़लम ख़ुद है और उनही के लफ्जों में उनका सिनेमाई सफर भी दर्ज़ है। यानी इस किताब में आप इस्मत के चुनिन्दा अफसाने तो पढ़ेंगे ही, यह भी पढ़ेंगे कि ख़ुद इस्मत उन अफसानों को कैसे पढ़ती हैं या अपनी चीजों को देखने का उनका नज़रिया क्या है। किताब के आखिर में इस्मत के चुनिन्दा खतूत और डायरियाँ भी हैं जो आपके पढ़ने के लुत्फ़ को बढ़ायेगी। इस किताब के बहाने आपके सामने इस्मत के अदबी समय का एक दरीचा खुलता चला जाएगा। हिन्दी में पहली बार इस्मत के बारे में किसी एक किताब में इतना सबकुछ एक साथ! इस्मत के सौ साल पूरे होने की मुबारक घड़ी में वाणी प्रकाशन की खास सौगात।
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मशहूर और हर दिल अजीज अफ़सानिगार इस्मत चुगताई के प्यार और सम्मान का नाम है ‘इस्मत आपा’ और यही इस किताब का भी नाम है। पाठक इस किताब को इस्मत चुगताई के अदबी संसार की एक झांकी के रूप में देख सकते हैं। इस पुस्तक में इस्मत के अदबी संसार के बेहतरीन नमूने हैं अफसाने हैं, और अफ़सनवी नस्त्र हैं, बक़लम ख़ुद है और उनही के लफ्जों में उनका सिनेमाई सफर भी दर्ज़ है। यानी इस किताब में आप इस्मत के चुनिन्दा अफसाने तो पढ़ेंगे ही, यह भी पढ़ेंगे कि ख़ुद इस्मत उन अफसानों को कैसे पढ़ती हैं या अपनी चीजों को देखने का उनका नज़रिया क्या है। किताब के आखिर में इस्मत के चुनिन्दा खतूत और डायरियाँ भी हैं जो आपके पढ़ने के लुत्फ़ को बढ़ायेगी। इस किताब के बहाने आपके सामने इस्मत के अदबी समय का एक दरीचा खुलता चला जाएगा। हिन्दी में पहली बार इस्मत के बारे में किसी एक किताब में इतना सबकुछ एक साथ! इस्मत के सौ साल पूरे होने की मुबारक घड़ी में वाणी प्रकाशन की खास सौगात।












