✨ New Arrivals Just Dropped!Explore
HomeStore

Sunta Hai Guru Gyani

Product image 1

Sunta Hai Guru Gyani

Sunta Hai Guru Gyani

स्वरों के आघात के पूर्व स्वरों का आभास होना चाहिये। स्वरों की सूक्ष्मतम परतें उनके पन के पूर्व ही मस्तिष्क में त हो जाती हैं। ध्यान के केंद्र में स्थिर स्वरों की ये अंतर्ध्वनियाँ परत दर परत पिघलने लगती हैं जिसे सुनता हैं गुरु ज्ञानी और वे श्रुत होकर गुरुमुख से श्रुतियों के रूप में झरने लगती हैं। इस पुस्तक का शीर्षक सुनता है गुरु ज्ञानी रखने के पीछे भी यही ध्येय है कि हम उस ज्ञानी गुरु के प्रवाह को आप तक पहुँचाने का प्रयास कर सकें।.

$2.73
Sunta Hai Guru Gyani
$2.73

Product Information

Shipping & Returns

Description

स्वरों के आघात के पूर्व स्वरों का आभास होना चाहिये। स्वरों की सूक्ष्मतम परतें उनके पन के पूर्व ही मस्तिष्क में त हो जाती हैं। ध्यान के केंद्र में स्थिर स्वरों की ये अंतर्ध्वनियाँ परत दर परत पिघलने लगती हैं जिसे सुनता हैं गुरु ज्ञानी और वे श्रुत होकर गुरुमुख से श्रुतियों के रूप में झरने लगती हैं। इस पुस्तक का शीर्षक सुनता है गुरु ज्ञानी रखने के पीछे भी यही ध्येय है कि हम उस ज्ञानी गुरु के प्रवाह को आप तक पहुँचाने का प्रयास कर सकें।.

Sunta Hai Guru Gyani | Crossword