Asafaltaon Se Kaise Seekhen
असफलताओं से कैसे सीखें गलतियों के प्रति अपने नज़रिये को बदलें एक असाधारण व प्रेरक पुस्तक, जो उजागर करती है कि महान लोग और टीम छोटे लाभों के प्रति अदम्य जिज्ञासा से संचालित होते हैं, और उनमें अपनी मान्यताओं को चुनौती देने का बौद्धिक साहस होता है। -डेव ब्रेल्सफ़ोर्ड, जनरल मैनेजर, टीम स्काई मर्सिडीज़ फ़ॉर्मूला वन टीम और गूगल में क्या समानता है? टीम स्काई और उडडयन उद्योग में क्या समानता है? जेम्स डायसन और डेविड बेकहेम में क्या समानता है? ये सभी असफलताओं से सीखते हैं । असफलताओं से सीखना उच्च व बेहतर प्रदर्शन करने कि नई नीति है। यह जटिल और तेज़ी से बदलने वाले संसार में शिखर पर पहुँचने का तरीक़ा बताती है। यह नीति केवल खेल में ही कारगर नहीं होती, बल्कि कारोबार और राजनीती में भी सफल परिणाम देती है। यह अभिभावकों और विद्यार्थियों के लिए भी बहुत उपयोगी है। वास्तव में, यह हम सभी के लिए बहुत लाभदायक है। इस पुस्तक में कई रोचक केस-स्टडीज़ हैं, वास्तविकता से जुड़े उदाहरण हैं और छोटे लाभों, सृजनात्मकता और लगनशीलता पर नवीनतम शोध के निष्कर्ष भी हैं। इनके आधार पर मैथ्यू सैयद हमें बता रहे हैं कि सफलता कैसे मिलती है। वे यह भी बताते हैं कि हम तब तक विकास नहीं कर सकते, जब तक हम अपनी गलतियों से सीखने को तैयार न हों। सृजनात्मक आविष्कार हमेशा कई सफलताओं से शुरू होते हैं। यह बेहतरीन पुस्तक सिखाती है कि कैसे इन असफलताओं को समझने और इनसे उबरने पर ही सच्चे अर्थों में आविष्कार होता है। हमें इस विचार को आत्मसात करना सीखना चाहिए। -जेम्स डायसन, डिज़ाइनर, आविष्कारक और उद्यमी.
Product Information
Product Information
Shipping & Returns
Shipping & Returns

Asafaltaon Se Kaise Seekhen
Asafaltaon Se Kaise Seekhen
असफलताओं से कैसे सीखें गलतियों के प्रति अपने नज़रिये को बदलें एक असाधारण व प्रेरक पुस्तक, जो उजागर करती है कि महान लोग और टीम छोटे लाभों के प्रति अदम्य जिज्ञासा से संचालित होते हैं, और उनमें अपनी मान्यताओं को चुनौती देने का बौद्धिक साहस होता है। -डेव ब्रेल्सफ़ोर्ड, जनरल मैनेजर, टीम स्काई मर्सिडीज़ फ़ॉर्मूला वन टीम और गूगल में क्या समानता है? टीम स्काई और उडडयन उद्योग में क्या समानता है? जेम्स डायसन और डेविड बेकहेम में क्या समानता है? ये सभी असफलताओं से सीखते हैं । असफलताओं से सीखना उच्च व बेहतर प्रदर्शन करने कि नई नीति है। यह जटिल और तेज़ी से बदलने वाले संसार में शिखर पर पहुँचने का तरीक़ा बताती है। यह नीति केवल खेल में ही कारगर नहीं होती, बल्कि कारोबार और राजनीती में भी सफल परिणाम देती है। यह अभिभावकों और विद्यार्थियों के लिए भी बहुत उपयोगी है। वास्तव में, यह हम सभी के लिए बहुत लाभदायक है। इस पुस्तक में कई रोचक केस-स्टडीज़ हैं, वास्तविकता से जुड़े उदाहरण हैं और छोटे लाभों, सृजनात्मकता और लगनशीलता पर नवीनतम शोध के निष्कर्ष भी हैं। इनके आधार पर मैथ्यू सैयद हमें बता रहे हैं कि सफलता कैसे मिलती है। वे यह भी बताते हैं कि हम तब तक विकास नहीं कर सकते, जब तक हम अपनी गलतियों से सीखने को तैयार न हों। सृजनात्मक आविष्कार हमेशा कई सफलताओं से शुरू होते हैं। यह बेहतरीन पुस्तक सिखाती है कि कैसे इन असफलताओं को समझने और इनसे उबरने पर ही सच्चे अर्थों में आविष्कार होता है। हमें इस विचार को आत्मसात करना सीखना चाहिए। -जेम्स डायसन, डिज़ाइनर, आविष्कारक और उद्यमी.
Original: $3.19
-70%$3.19
$0.96Product Information
Product Information
Shipping & Returns
Shipping & Returns
Description
असफलताओं से कैसे सीखें गलतियों के प्रति अपने नज़रिये को बदलें एक असाधारण व प्रेरक पुस्तक, जो उजागर करती है कि महान लोग और टीम छोटे लाभों के प्रति अदम्य जिज्ञासा से संचालित होते हैं, और उनमें अपनी मान्यताओं को चुनौती देने का बौद्धिक साहस होता है। -डेव ब्रेल्सफ़ोर्ड, जनरल मैनेजर, टीम स्काई मर्सिडीज़ फ़ॉर्मूला वन टीम और गूगल में क्या समानता है? टीम स्काई और उडडयन उद्योग में क्या समानता है? जेम्स डायसन और डेविड बेकहेम में क्या समानता है? ये सभी असफलताओं से सीखते हैं । असफलताओं से सीखना उच्च व बेहतर प्रदर्शन करने कि नई नीति है। यह जटिल और तेज़ी से बदलने वाले संसार में शिखर पर पहुँचने का तरीक़ा बताती है। यह नीति केवल खेल में ही कारगर नहीं होती, बल्कि कारोबार और राजनीती में भी सफल परिणाम देती है। यह अभिभावकों और विद्यार्थियों के लिए भी बहुत उपयोगी है। वास्तव में, यह हम सभी के लिए बहुत लाभदायक है। इस पुस्तक में कई रोचक केस-स्टडीज़ हैं, वास्तविकता से जुड़े उदाहरण हैं और छोटे लाभों, सृजनात्मकता और लगनशीलता पर नवीनतम शोध के निष्कर्ष भी हैं। इनके आधार पर मैथ्यू सैयद हमें बता रहे हैं कि सफलता कैसे मिलती है। वे यह भी बताते हैं कि हम तब तक विकास नहीं कर सकते, जब तक हम अपनी गलतियों से सीखने को तैयार न हों। सृजनात्मक आविष्कार हमेशा कई सफलताओं से शुरू होते हैं। यह बेहतरीन पुस्तक सिखाती है कि कैसे इन असफलताओं को समझने और इनसे उबरने पर ही सच्चे अर्थों में आविष्कार होता है। हमें इस विचार को आत्मसात करना सीखना चाहिए। -जेम्स डायसन, डिज़ाइनर, आविष्कारक और उद्यमी.











