Mere Pita Ki Yaadain: Balraj Sahni
सुविख्यात अभिनेता बलराज साहनी ने भारती सिनेमा के स्वर्ण-युग का नेतृत्व किया, और उनके प्रशंसकों में अमिताभ बच्चन तथा ओम पुरी जैसे कलाकार भी शामिल हैं। उन्हें अपने सिद्धांतों के प्रति सच्चे और ईमानदार बने रहने के लिए जाना जाता था। उन्हें अपने अभिनय के माध्यम से वंचितों के किरदार को जीवन्त करने के लिए भी अक्सर याद किया जाता है। यह इस देश के अत्यन्त प्रतिष्ठित श्रेष्ठ अभिनेताओं में से एक की अनकही कहानी है जिसे उनके सुपुत्र परीक्षत साहनी ने लिखा है। पुस्तक में कई अनदेखी तस्वीरें शामिल हैं, और यह एक इंसान, अभिनेता, पति, दोस्त, पिता तथा देशभक्त के रूप में बलराज साहनी की व्यक्तिगत और अन्तरंग झलकियाँ प्रस्तुत करती हैं। यह पुस्तक एक ऐसे सरल व्यक्ति की ज़िंदगी, दौर और उसके असर का उत्सव मनाती है, जिसने अभिनेताओं की एक पूरी पीढ़ी को प्रेरित किया, और वह क्रम आज भी जारी है।
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सुविख्यात अभिनेता बलराज साहनी ने भारती सिनेमा के स्वर्ण-युग का नेतृत्व किया, और उनके प्रशंसकों में अमिताभ बच्चन तथा ओम पुरी जैसे कलाकार भी शामिल हैं। उन्हें अपने सिद्धांतों के प्रति सच्चे और ईमानदार बने रहने के लिए जाना जाता था। उन्हें अपने अभिनय के माध्यम से वंचितों के किरदार को जीवन्त करने के लिए भी अक्सर याद किया जाता है। यह इस देश के अत्यन्त प्रतिष्ठित श्रेष्ठ अभिनेताओं में से एक की अनकही कहानी है जिसे उनके सुपुत्र परीक्षत साहनी ने लिखा है। पुस्तक में कई अनदेखी तस्वीरें शामिल हैं, और यह एक इंसान, अभिनेता, पति, दोस्त, पिता तथा देशभक्त के रूप में बलराज साहनी की व्यक्तिगत और अन्तरंग झलकियाँ प्रस्तुत करती हैं। यह पुस्तक एक ऐसे सरल व्यक्ति की ज़िंदगी, दौर और उसके असर का उत्सव मनाती है, जिसने अभिनेताओं की एक पूरी पीढ़ी को प्रेरित किया, और वह क्रम आज भी जारी है।
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सुविख्यात अभिनेता बलराज साहनी ने भारती सिनेमा के स्वर्ण-युग का नेतृत्व किया, और उनके प्रशंसकों में अमिताभ बच्चन तथा ओम पुरी जैसे कलाकार भी शामिल हैं। उन्हें अपने सिद्धांतों के प्रति सच्चे और ईमानदार बने रहने के लिए जाना जाता था। उन्हें अपने अभिनय के माध्यम से वंचितों के किरदार को जीवन्त करने के लिए भी अक्सर याद किया जाता है। यह इस देश के अत्यन्त प्रतिष्ठित श्रेष्ठ अभिनेताओं में से एक की अनकही कहानी है जिसे उनके सुपुत्र परीक्षत साहनी ने लिखा है। पुस्तक में कई अनदेखी तस्वीरें शामिल हैं, और यह एक इंसान, अभिनेता, पति, दोस्त, पिता तथा देशभक्त के रूप में बलराज साहनी की व्यक्तिगत और अन्तरंग झलकियाँ प्रस्तुत करती हैं। यह पुस्तक एक ऐसे सरल व्यक्ति की ज़िंदगी, दौर और उसके असर का उत्सव मनाती है, जिसने अभिनेताओं की एक पूरी पीढ़ी को प्रेरित किया, और वह क्रम आज भी जारी है।











